October 23, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

अनुशासन की कदमताल, संगठन की ताकत! संजीवनी प्रभात शाखा का पथ संचलन संपन्नअरपा में बढ़ सकता है जलस्तर, विसर्जन में लापरवाही पड़ सकती है भारी!माता के दरबार में जात-पात नहीं, सिर्फ भक्तों की पहचान! त्रिलोक चंद्र श्रीवास का सामाजिक समरसता का संदेशपत्नी के सम्मान और संघर्ष की कहानी, अशोक व्यास की 15वीं पुस्तक ‘एक पत्नी पर पुस्तक क्यों?’ का विमोचनगौवंश के पेट में पन्नी, नालियों में प्लास्टिक, पानी में जहर का खतरा! प्रतिबंध के बावजूद लगाम कहां?महामाया के दरबार में भूपेश बघेल की आस्था, बिलासपुर में कांग्रेस नेताओं का आत्मीय स्वागत; सियाराम कौशिक से मुलाकात और मस्तूरी में जागरण में हुए शामिलआस्था की ध्वज यात्रा या राजनीतिक संदेश? अंकित गौरहा ने विधायक सुशांत शुक्ला से मांगा जवाबअपोलो से जुड़ी मेडिकल कचरा जलाने की शिकायतों ने बढ़ाई चिंता, लिंगियाडीह के रहवासी परेशानअवैध खनिज परिवहन पर प्रशासन की सख्ती: 10 वाहन जब्त, एक मामले में 3 साल का कठोर कारावासगरबा के मंच पर ‘लॉलीपॉप लागेलु’! पंखीड़ा पर बवाल, आस्था के नाम पर आखिर चल क्या रहा है?
छत्तीसगढ़धार्मिक

बिलासपुर प्रवास पर संत श्री रितेश्वर जी महाराज, त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने किया आत्मीय अभिनंदन

सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कारों के प्रसार का संदेश; सहयोगियों सहित गुरु दर्शन कर लिया आशीर्वाद

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर।

राष्ट्रीय संत परम पूज्य सद्गुरु श्री श्री रितेश्वर जी महाराज के बिलासपुर प्रवास के दौरान कांग्रेस नेता एवं राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने अपने सहयोगियों के साथ उनका आत्मीय अभिनंदन किया। गुरु के आगमन पर श्रद्धा और सम्मान का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

त्रिलोक श्रीवास के साथ मनोज श्रीवास, मोहन जायसवाल, मुकेश अग्रवाल, चरण सिंह राज, शुभम श्रीवास, अजय गुप्ता, मुन्ना, राजेश गोयल, डॉ. नीलय तिवारी, बसंत अग्रवाल, डॉ. आलिन्द तिवारी, कान्हा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

सनातन मूल्यों और आध्यात्मिक जागरण पर जोर

सद्गुरु श्री रितेश्वर जी महाराज आध्यात्मिक प्रवचनों और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए जाने जाते हैं। उनके आध्यात्मिक संदेशों में भारतीय परंपरा, जीवन-मूल्यों, संस्कारों और आत्मचिंतन को महत्व दिया जाता है। उनके मार्गदर्शन से जुड़े आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक प्रयासों का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान-परंपरा और सनातन मूल्यों से परिचित कराना है।

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क, बिलासपुर — संतों का सान्निध्य भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में केवल श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि जीवन में सदाचार, सेवा, संयम और मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी माना जाता है। बिलासपुर प्रवास के दौरान हुआ यह अभिनंदन गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान और आध्यात्मिक आस्था की अभिव्यक्ति रहा।

Prachand Prahar

Related Articles

Check Also
Close