October 24, 2026 |
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छत्तीसगढ़

ओवरब्रिज का काम शुरू, लेकिन कहां बनेगा पुल? बेलतरा में महिलाओं का विरोध

प्रचंड प्रहार ने पहले उठाया था छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा; निर्माण की हलचल के बीच चिन्हित स्थल से दूर खुदाई का ग्रामीणों का आरोप, स्वीकृत नक्शे पर NH विभाग से जवाब की दरकार

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/बिलासपुर।

बेलतरा – बरभाठा मार्ग पर स्कूली छात्राओं की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने की हलचल के बीच अब निर्माण स्थल को लेकर विवाद सामने आया है। प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क ने विगत दिनों इस जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। अब ग्रामीणों के विरोध ने सवाल खड़ा कर दिया है कि निर्माण कार्य स्वीकृत योजना और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।

ग्रामीणों से मिली जानकारी और उपलब्ध वीडियो के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे महिलाओं ने कथित तौर पर पहले चिन्हित स्थल से दूर की जा रही खुदाई का विरोध किया। महिलाओं ने गड्ढा पाटना शुरू किया, जिसके बाद जेसीबी से गड्ढा भरवाए जाने की जानकारी सामने आई। ग्रामीणों की मांग है कि ओवरब्रिज का निर्माण उसी स्थान पर किया जाए, जहां इसकी जरूरत है और जहां पहले चिन्हांकन किए जाने की बात कही जा रही है।

 

विवाद की दूसरी तस्वीर भी समझना जरूरी

सार्वजनिक रिपोर्टों में इस परियोजना को स्कूली छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज बताया गया है। वहीं, रिपोर्टों में कुछ स्थानीय लोगों की ओर से ट्रैक्टर, कृषि उपकरणों और चारपहिया वाहनों के आवागमन के लिए भी रास्ते की मांग का उल्लेख है। बुजुर्गों, दिव्यांगों और निजी भूमि तक पहुंच को लेकर भी आपत्तियां सामने आने की बात कही गई है।

ऐसे में विवाद के दोनों पहलुओं पर स्पष्टता जरूरी है। छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो, साथ ही ग्रामीणों की वास्तविक आवागमन संबंधी जरूरतों पर भी तकनीकी आधार पर विचार किया जाए।

प्रचंड प्रहार के सवाल: स्वीकृत स्थल कौन-सा है?

क्या वर्तमान खुदाई स्वीकृत नक्शे और तकनीकी योजना के अनुरूप हो रही थी? पूर्व में चिन्हित स्थल और मौजूदा कार्यस्थल में अंतर है तो उसका कारण क्या है? क्या राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने ग्रामीणों की आपत्तियों पर कोई स्पष्ट जानकारी दी है?

निर्माण शुरू होना महत्वपूर्ण है, लेकिन सही स्थान पर और वास्तविक जरूरत के अनुरूप निर्माण होना उससे भी जरूरी है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को स्वीकृत नक्शे, निर्माण स्थल और परियोजना के उद्देश्य पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रशासन को सभी पक्षों से संवाद कर ऐसा समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, जिससे स्कूली छात्राओं की सुरक्षा और ग्रामीणों का सुरक्षित आवागमन दोनों प्रभावित न हों।

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क, बिलासपुर।

खबर वही जो असर करे।

संपादकीय नोट: ग्रामीणों के आरोप और वीडियो से प्राप्त जानकारी को संबंधित विभाग की आधिकारिक पुष्टि से अलग रखा गया है। स्वीकृत नक्शे, स्थल चिन्हांकन और निर्माण की वास्तविक स्थिति की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

Prachand Prahar

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