October 23, 2026 |
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छत्तीसगढ़

बेलतरा–बरभाठा मार्ग पर ओवरब्रिज की मांग तेज, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार?

स्थल चिन्हांकन के बाद भी निर्माण का इंतजार; स्कूली छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल, ग्रामीणों ने तहसीलदार, NH कार्यालय और SDM को सौंपा आवेदन

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क/ बिलासपुर।

बेलतरा–बरभाठा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग की क्रॉसिंग ग्रामीणों और स्कूली छात्राओं के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरब्रिज के लिए पूर्व में स्थल चिन्हांकन किया जा चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करने की मजबूरी के चलते दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अब प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग का ध्यान आकर्षित करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

12 अक्टूबर 2026 को ग्रामीणों की ओर से तहसीलदार बेलतरा को संबोधित आवेदन सौंपकर प्रस्तावित स्थल पर ही ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की गई। यह आवेदन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) कार्यालय और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को भी सौंपा गया है, ताकि संबंधित विभागों और प्रशासन के स्तर पर इस मामले में आवश्यक कार्रवाई हो सके।

छात्राओं की सुरक्षा दांव पर, सड़क पार करना रोज की चुनौती

ग्रामीणों के अनुसार, शासकीय पूर्व माध्यमिक कन्या शाला, बेलतरा में पढ़ने वाली छात्राओं को प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने के लिए इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क पार करना जोखिम भरा है। बरभाठा के ग्रामीणों को भी सोसायटी से खाद एवं अन्य आवश्यक सामग्री लेने और रोजमर्रा के कार्यों के लिए इस मार्ग से आना-जाना पड़ता है।

सवाल यह है कि जब स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा का मामला सामने है, तो सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था अब तक क्यों नहीं हो पाई? क्या किसी गंभीर हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभागों की प्राथमिकता तय होगी?

चिन्हांकन के बाद भी इंतजार क्यों?

आवेदन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि संबंधित स्थान पर ओवरब्रिज के लिए पहले स्थल चिन्हांकन किया जा चुका है। ऐसे में अब निर्माण की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। प्रस्ताव की स्वीकृति, तकनीकी प्रक्रिया, बजट और कार्यादेश की वास्तविक स्थिति क्या है? निर्माण शुरू होने में देरी के कारण क्या हैं? संबंधित विभागों को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि पूर्व में चिन्हित स्थल पर ही ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया तेज की जाए और निर्माण पूरा होने तक स्कूली बच्चों तथा पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित अस्थायी क्रॉसिंग या अन्य व्यावहारिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

तहसील से NH कार्यालय तक पहुंची मांग

आवेदन में कुनीता बाई, यशोदा बाई, सविता बाई, अनीता बाई, पुष्पा बाई, प्रमिला बाई, राजकुमारी, सुनीता बाई, रामखिलावन, शिव कुमार, शंभू सहित अन्य ग्रामीणों के नाम दर्ज हैं। आवेदन समस्त ग्रामवासियों तथा ग्राम पंचायत बेलतरा और बरभाठा की ओर से प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख करता है।

आवेदन की प्रतिलिपि जिला बिलासपुर कलेक्टर के जनदर्शन, तहसीलदार बेलतरा, राष्ट्रीय राजमार्ग-130 और ग्रामसभा बेलतरा के लिए भी अंकित की गई है। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय और अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन सौंपे जाने से ग्रामीणों की मांग संबंधित विभागीय एवं प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गई है।

प्रचंड प्रहार का सवाल: आश्वासन नहीं, कार्रवाई कब?

बेलतरा–बरभाठा मार्ग पर ओवरब्रिज की मांग अब केवल सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। यदि स्थल चिन्हांकन पहले ही हो चुका है, तो संबंधित विभागों को निर्माण की स्थिति और आगे की कार्ययोजना स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही, स्थायी निर्माण में समय लगने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जानी चाहिए।

अब निगाहें तहसील प्रशासन, अनुविभागीय अधिकारी और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पर हैं। ग्रामीणों के आवेदन पर क्या कार्रवाई होती है और ओवरब्रिज निर्माण को लेकर क्या समयसीमा तय की जाती है—इसका जवाब संबंधित विभागों को देना चाहिए।

प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क, बिलासपुर

खबर वही जो असर करे।

संपादकीय नोट: रिपोर्ट ग्रामीणों के आवेदन में दर्ज मांगों और उपलब्ध विवरण पर आधारित है। ओवरब्रिज की स्वीकृति, स्थल चिन्हांकन, निर्माण की वर्तमान स्थिति तथा संबंधित विभागों का आधिकारिक पक्ष स्वतंत्र पुष्टि के अधीन है।

Prachand Prahar

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