आस्था की ध्वज यात्रा या राजनीतिक संदेश? अंकित गौरहा ने विधायक सुशांत शुक्ला से मांगा जवाब
पंचायत दौरा और ध्वज यात्रा के स्वरूप पर उठाए सवाल; प्रचार सामग्री में विधायक की तस्वीर, पद और भाजपा के नाम को लेकर कार्यक्रम के उद्देश्य की स्पष्टता पर जोर

बिलासपुर। प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क।
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में ध्वज यात्रा को लेकर जारी फ्लेक्स और वीडियो अब राजनीतिक सवालों के केंद्र में हैं। पूर्व जिला पंचायत सभापति एवं कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने विधायक सुशांत शुक्ला से कार्यक्रम के स्वरूप और उद्देश्य को स्पष्ट करने की मांग की है। गौरहा का सवाल है कि जब आयोजन को लेकर कभी पंचायतों के दौरे की बात सामने आती है और कभी ध्वज यात्रा का उल्लेख किया जाता है, तो आखिर इस कार्यक्रम की वास्तविक प्रकृति क्या है?

प्रचार सामग्री ने खड़े किए सवाल
अंकित गौरहा ने कहा कि ध्वज यात्रा से संबंधित प्रचार सामग्री में धार्मिक संदेशों के साथ विधायक की तस्वीर, उनका पद और भाजपा का नाम भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। उनके मुताबिक, ऐसे में कार्यक्रम के धार्मिक स्वरूप और उससे जुड़े राजनीतिक संदेश के बीच अंतर स्पष्ट होना चाहिए।

गौरहा ने सवाल उठाया कि विधायक सुशांत शुक्ला स्पष्ट करें कि उनका कार्यक्रम पंचायतों का दौरा है या ध्वज यात्रा। उनके अनुसार, कार्यक्रम को अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत किए जाने से उसके वास्तविक उद्देश्य को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
आस्था का सम्मान, लेकिन जनप्रतिनिधि से जवाब भी जरूरी
गौरहा ने कहा कि धर्म आस्था का विषय है, जबकि राजनीति जनता के प्रति जवाबदेही से जुड़ी है। धार्मिक आयोजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों का उद्देश्य और स्वरूप भी स्पष्ट होना चाहिए। जनता को यह जानने का अधिकार है कि किसी आयोजन के माध्यम से धार्मिक सहभागिता के साथ क्षेत्रीय जनसंपर्क और राजनीतिक संदेश की क्या भूमिका है।
उन्होंने विधायक से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि कार्यक्रम को पंचायत दौरे के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है या ध्वज यात्रा के रूप में। गौरहा ने सवाल उठाया कि आयोजन की प्रस्तुति में स्पष्टता क्यों नहीं है और इसे लेकर उठ रहे सवालों पर विधायक का पक्ष क्या है।
महामाया के दरबार का उल्लेख कर साधा निशाना
अपने बयान के अंत में अंकित गौरहा ने मां महामाया का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी प्रार्थना है कि जनता के सच्चे जनसेवकों को जनसेवा का मार्ग मिले और मां महामाया के नाम पर राजनीति करने वालों को राजनीति का वास्तविक उद्देश्य समझने की सद्बुद्धि मिले।
गौरहा का यह बयान धार्मिक आयोजन की प्रस्तुति और जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक जवाबदेही को लेकर है। हालांकि, प्रचार सामग्री में विधायक की तस्वीर, पद और पार्टी के नाम का इस्तेमाल होना अपने आप में किसी अनुचित राजनीतिक उद्देश्य का प्रमाण नहीं है। ऐसे में कार्यक्रम का वास्तविक स्वरूप स्पष्ट करने के लिए विधायक सुशांत शुक्ला का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
प्रचंड प्रहार न्यूज नेटवर्क की बात: धार्मिक आस्था का सम्मान और राजनीतिक जवाबदेही—दोनों लोकतांत्रिक जीवन के महत्वपूर्ण पक्ष हैं। किसी आयोजन को लेकर सवाल उठें तो उनका जवाब तथ्यों और स्पष्टता के साथ सामने आना चाहिए। बेलतरा में ध्वज यात्रा और पंचायत दौरे को लेकर उठे सवालों पर अब विधायक का पक्ष सामने आने से ही कार्यक्रम के स्वरूप और उद्देश्य को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।



